Description
ब्रह्मर्षि पितामह पत्रीजी, नवयुग के आध्यात्मिक गुरु एवं पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज़ मूवमेंट के संस्थापक हैं। पिछले 40 वर्षों में इन्होंने पूरे विश्व में ध्यान प्रचार का महान कार्य किया ।
इस पुस्तक में, लोकप्रिय कार्यक्रम प्रबोधन घड़ी और अन्य अवसरों पर पत्रीजी के साथ हुए, प्रश्नोत्तर सत्रों का संकलन किया गया है… जिसमें पत्रीजी, जीवन को श्रेष्ठ बनाने और आध्यात्मिक रूप से विकसित होने से जुड़े अनेक प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर देते हैं।
इस पुस्तक में नवयुग के आध्यात्मिक विज्ञान की अनेक अवधारणाएँ अत्यंत सरल भाषा में समझाई गई हैं, जो पाठक को आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि, गहन जीवन-दर्शन और मार्गदर्शन प्रदान करती है। ध्यान के नए साधकों से लेकर उन्नत साधकों तक सभी के लिए यह पुस्तक अत्यंत प्रेरणादायी है और समृद्ध करने वाली है।





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